
घर में छह साल का बच्चा अक्सर अपनी माँ से एक परिचित चित्र-पुस्तक सुनता है। लेकिन आज रात उसकी एक नई योजना है—वह वही किताब अपने पिता को पढ़कर सुनाना चाहता है। कहानी का समय आने से पहले बच्चा ज़ोर से पढ़ने का अभ्यास करता है। माता-पिता सीखने की उसकी उत्सुकता देखकर प्रसन्न हैं। पिता को किताब के चित्र पहले से प्रिय हैं; अब वे कहानी बच्चे की आवाज़ में सुनेंगे। कुछ बड़ा नहीं बदलता—बस किताब पढ़ने वाले की जगह बदलती है। फिर भी, परिचित किताब परिवार को साथ में समय बाँटने का एक नया अवसर देती है।
संपादकीय टिप्पणी: यह जापान के एक परिवार की शाम का दृश्य है, हर परिवार की दिनचर्या का दावा नहीं। दिन के अंत में कुछ परिवार चित्र-पुस्तक पढ़ते हैं, कुछ कहानी सुनाते हैं, गाना गाते हैं या शांति से बातें करते हैं। यहाँ बच्चा अपनी आवाज़ में कहानी माता-पिता तक पहुँचाता है।

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